| ड्रॉप नौवहन (शिप्पिंग) क्या है? |
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ड्रॉप शिप्पिंग एक उत्पाद वितरण पद्धति है जिसमें विक्रेता (फुटकर विक्रेता) एक आर्डर के लिए भुगतान स्वीकार करता है, लेकिन ग्राहक उत्पाद सीधे ड्रॉप शिपिंग छोटे खुदरा दुकानों, इन्टरनेट दुकानों, और जो व्यापारी कारोबार के लिए नामसूची (कैटलॉग) का इस्तिमाल करते हैं उन सब के लिए बहुत लाभकारी है. इन दुकानों के ग्राहक हमेशा अपनी खरीद की उम्मीद जल्दी नहीं करते, तो उत्पादों को ग्राहकों तक पहुचने में थोड़ी देर हो सकती है. ग्राहक उत्पादों को खरीदते समय उनहे अलमारियों पर प्रदर्शित किया हुआ या अपनी सूची में चित्र के रूप में दर्शाया हुआ देखता है पर वास्तव में वो उत्पाद कई मेलों दूर किसी कारखाने के गोदाम में पड़ी होती है ड्रॉप शिप्पिंग की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक समस्या सूची नियंत्रण है. एक स्टोर में उत्पादों को थोक में निर्माता से आर्डर दिए जाता हैं और उसे एक सुरक्षित क्षेत्र में तबतक संग्रहित किया जाता है जबतक वह प्रदर्शित ना हो जाय. इसका मत्लभ है की एक उचित भंडारण क्षेत्र को बनाए रखना, नए कर्मचारियों को भर्ती करना ताकि वो निवेश सावधानी से संभाल सके. लेकिन ड्रॉप शिप्पिंग प्रक्रिया में अधिक जगह प्रदर्शनी के लिये समर्पित किया जा सकता है और शिपिंग संभालने, माल प्राप्त करने और सुरक्षा के लिए कम कर्मचारियों को काम पर रखा जा सकता है. बहुत से निर्माता भी ड्रॉप शिपिंग के विचारों से सेहमत है क्युकी एक खुदरा विक्रेता वास्तव में निर्माता के लिये एक अतिरिक्त बिक्रीकर (सलेस्मन) बन जाता है. बड़े आर्डर या भारी सामान फुटकर विक्रेता को भेजने के लिए ज्यादा पैसा और ईंधन खर्च करना होता है. ड्रॉप शिप्पिंग में निर्माता सस्ती शिपिंग के तरीकों का उपयोग कर सकते हैं (जैसे UPS, DHL या स्थानीय वितरण कंपनिया) जिसे वे आर्डर ग्राहक तक सीधे पहुचा सकते हैं. कई खुदरा विक्रेताओं से ज्यादा निर्माताओं का गोदाम ज्यादा सुरक्षित होता है.
ड्रॉप शिप्पिंग प्रणाली में कुछ कमियां भी हैं. कुछ निर्माता ड्रॉप शिपिंग प्रध्ती से बिल्कुत सेहमत नही हैं. इसमे कर्मचारियों को हरेक छोटे आर्डर को जांच कर भेजने का प्रबंध करना पड़ता है, यानि की बड़े आर्डरो पर उतना ध्यान नहीं दिया जा सकता हैं . कुछ कंपनियां बड़े खुदरा विक्रेताओं से केवल थोक मे ही आर्डर लेते है. यह छोटे दुकानों के लिए छोटी संक्या में आर्डर करना असंभव कर देती है. ग्राहकों को शिप्पिंग के मूल्य और खुदरा मूल्य देना पड़ सकता है. यह बड़े वस्तुवों जैसे बड़े फर्नीचर (लकड़ी का सामान) के लिए निषेधक हो सकती है. जब ड्रॉप शिपिंग उपलब्ध होती है तब अनेक छोटे खुदरा विक्रेताओं और इन्टरनेट दुकानों की समस्याओं का हल होता है. नौवहन पेशेवरों पर छोड़ दिया जाता है, वहां कोई सूची देखने के लिए नहीं होती और ज्यादा खुदरा जगह उपलब्ध होती है. छोटे दुकान आकर्शक और बड़े सामान बिना आयात लागत या महंगे भंडारण के बारे में चिंता किये बिना बेच सकते हैं. निर्माता भी उत्पादों की बिक्री और कम शिप्पिंग खर्च से लाभ उठाते हैं. |